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फोर्कलिफ्ट

सुर क्षा को ध्यान में रखते हुए, यहां फोर्कलिफ्ट सुरक्षा के कुछ नियम दिए गए हैं। Here are some HINDI (हिंदी ) tips, please like, follow and comment. https://www.facebook.com/profile.php?id=100092232772219&mibextid=ZbWKwL 1.सुनिश्चित करें कि केवल प्रशिक्षित कर्मचारी ही फोर्कलिफ्ट का संचालन करें। परमीट लें, सेफ्टी इन्डक्सन करें... 2. फोर्कलिफ्ट का उपयोग करने से पहले उसका निरीक्षण करें। खराबी की सूचना सुपरवाइजर को दें।... 3.उचित गति से उपयोग करें। फ्लैग मैन साथ रखें, सुपरवाइजर के निर्देश का पालन करें... 4. अपने परिवेश के प्रति सचेत रहें, कार्य स्थल पर मौज मस्ती ना करें, बरसात का ध्यान रखें, लाइव केबल से दूर रहें, फायर इक्वीपमेन्ट से दूर रहें. ... 5.उचित कपड़े पहनें.पीपीई का उपयोग करें करायें... 6.हमेशा मशीन के सबसे भारी हिस्से की ओर मुंह करके लोड करें। ... 7.हमेशा उचित लोड तकनीक का पालन करें। 8. अन्य लोगों के प्रति सचेत रहें । 9. अचानक रुकने से बचें । 10. हमेशा एक निर्दिष्ट स्थान पर ही पार्क करें। आज ही अपने कार्यस्थल की सुरक्षा सुनिश्चित करें मेरे पेज को फ़ॉलो करें और समर्थन करें, हमे...

क्या आपके साथ ट्रेन में कभी मजेदार घटना घटी है?

एक बार मुझे भुसावल से मुम्बई जाना था। पवन एक्सप्रेस से सतना से आ रहा था अर्जेंट में भुसावल कोच में ही बर्थ मिला था, डब्बा भुसावल में काट दिया गया। उतरना पड़ा था। दूसरे डिब्बे के लिए बहुत कोशिश किया पर असफल रहा। बड़ी भीड़ थी। रात के नौ बजे थे। सोचा छोड़ो अब खाना खा के दूसरा ट्रेन पकडुंगा। रात को विदर्भ एक्सप्रेस मिली पर बर्थ नहीं मिली। जेनरल में चढ़े। डब्बे के अंत में टायलेट के तरफ का एक 6 सीट का एक एरिया बहुत खाली था मैं लपक के उपर वाले पर बैग डाला और लेट गया सुबह जब ट्रेन कल्याण पहुंची तब नींद खुली। उतरना था। जब नीचे वाले सीट के नीचे देखा तो तीन लासें पड़ी थी। फिर दादर में अगले स्टेशन पर मैं उतर गया।अब समझ में आ रहा था कि ट्रेन में इतनी भीड़ थी पर जहां मैं सोया वो जगह ख़ाली क्यों थी। अभी भी सोचता हूं कि 3 लास डेडबोडी के साथ रात काटा।